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इस बार
होली में
----ओंम प्रकाश
नौटियाल
रंगत
लिए हों प्यार
की बरसाना ऐसे
रंग
तकरार
का क्या काम
इस बार होली
में ।
जो
कुछ कहो किसी
से हो मीठी जुबान
में
मृदु
वाणी ही मिष्ठान
हो इस बार होली
में ।
इठलाती
टोलियाँ हों
खुशियाँ ठिठोलियाँ
हों
हर
चेहरे पर शबाब
हो इस बार होली
में ।
अट्टालिका
से उतरो और खेलो
झुग्गियों
में
यारों
मिटा दो उंच
नीच इस बार होली
में ।
इस
देश में कोई
भी अब न खौफजदा
हों
भाषा
जाति छेत्र
न पूछो इस बार
होली में ।
रंगो
की रंगीनियत
से हों रंगीन
हर एक रंग
जीवन
में रंग ही रंग
हों इस बार होली
में ।
Poetry By : ----Om
Prakash Nautiyal, engaged
in academic activities. Writing Hindi poems is my long pursued hobby.
ompnautiyal@yahoo.com
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