Inspirational Poems - Contribute Rhyming, Non Rhyming Poems

 

 

About contentwriter | Contact Us

Useful Articles

More Poems

Short Stories

Hire Our Writing Services

Know More About Our Services

Contact Us contact@contentwriter.in

Advertise With Us

Search Content Writer India 

 

 

Ghazals

मुहब्बत की थी तो निभाई तो होती
कोई प्यार की ज्योति जलाई तो होती
भूले से गर खता हो गई थी हमसे
कभी आकर तुमने बताई तो होती
औरों को वफा की सीख देने वाले
ये सीख खुद तूने अपनाई तो होती
वफा का बेवफाई से क्यूं दिया सिला
कमियाँ क्या थी गिनाईं तो होती
'अनुज' मुझ पे लिख डाली किताब तूने
कोई ग़ज़ल खुद पे बनाई तो होती
--------
आदत हो गई है सबकी, जुबान से फिरना आजकल
हो गया है इक शौक, मुहब्बत करना आजकल
दिल हर रोज जाने कितने चेहरों पे मरता है
हो गया है किस कदर आसान मरना आजकल
जिस्म तक ही महदूद क्यों हो गई हर नज़र
क्यों नहीं चाहता कोई दिल में उतरना आजकल
मशहूर होने के लिए ये कैसा दीवानापन है
करते हैं पसन्द नज़रों से भी गिरना आजकल
आँख बंद करके यकीं कर लेते हो सब पर तुम
है बेवकूफी 'अनुज' ऐसा कुछ करना आजकल
--------.
आँखों में बसा लीजे
पलकों पे बिठा लीजे
सुर्खी बनाकर मुझको
होठों पे लगा लीजे
फूल बनाकर मुझको
बालों में सजा लीजे
चुनरी बनाकर मुझको
सीने से लगा लीजे
कँगना बनाकर मुझको
हाथों में सजा लीजे
बिंदिया बनाकर मुझको
माथे पर लगा लीजे
सिंदूर बनाकर मुझको
मांग में सजा लीजे
कुछ भी बना लीजे पर
मुझको अपना बना लीजे।

Contributing Poet  Dr.Anuj Narwal Rohtaki ----INDIA
E-Mail-   dr.anujnarwalrohtaki@gmail.com

 
 

 

 Common Job Profiles - Writing Industry

Web Content Writer

Website Copywriter

Creative Writer

Article Writers

Travel Writers

Research Writer

Copy Editor

Technical Writer

Ghost Writer

Translator

Proof Reader

Content Writer Blog

 

Web Content Writing Services, India | Contribute Your English & Hindi Poems

Sitemap

Home


Copyright contentwriter.in , contact@contentwriter.in