५९ घंटे तक दहली मुबंई
निशब्दः स्तब्ध मानवता हुई
भारत-पाक सबंधो की अस्मिता पर
फिर उठे अनेको सवाल
जिस अभिमानी राज ने जोश मे
लगाया "आमची मुबंई" का नारा
रक्षा करने "अपने" नागरिको की
सामने न आया एक भी बार
नेताओ के स्वार्थी रवैये ने
किया जनता को पुनः हताश.
अँगुली उठाकर एक-दूसरे पर
उठाना चाहा स्थिति से लाभ
सुरक्षा व्यवस्था को ताक पर रख
मिडिया ने तोडे सारे प्रबंध
असत्य खबरे फैला-फैलाकर
किया कानून से खिलवाड
अपने को श्रेष्ठ बतलाने मे
चैनलो,पत्रकारो मे लगी थी होड
स्थिति पर पाने नियंत्रण
खोया जनता ने भी संयम
जनता,नेता,मिडिया से अधिक
है जवानो का त्याग अपूर्व
अपने प्राणो का कर बलिदान
दिया असंख्यो को जीवन-दान
धर्म,जाति,वर्ण मे बँटा भारत
इस असमय मे जुडा भारत
बैरियो से सतत लडता
अटल अचल खडा भारत